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US Crackdown Iran Airlines, मदद करने वालों को ट्रंप की चेतावनी

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US Crackdown Iran Airlines: अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने चेतावनी दी है कि इस सप्ताह ईरानी एयरलाइंस का अंतराष्ट्रीय संचालन पूरी तरह से बाधित हो सकता है। वाशिंगटन ने विदेशी कंपनियों को स्पष्ट किया है कि यदि उन्होंने ईरानी विमानन कंपनियों को सेवा देना जारी रखा, तो उन पर सख्त द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, बेसेन्ट ने कहा कि पूरी दुनिया में सभी ईरानी एयरलाइंस का संचालन बंद होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव करीब सात महीने पूरे कर रहा है।

अमेरिकी प्रशासन की चेतावनी सिर्फ विमानन कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन हवाई अड्डों, टिकटिंग एजेंसियों, ईंधन आपूर्तिकर्ताओं और ग्राउंड हैंडलिंग फर्मों को भी शामिल करती है, जो विदेशों में उनके संचालन में सहयोग कर रही हैं।

तुर्की के लिए अपनी सेवाएं रोक दी

बेसेन्ट ने स्पष्ट किया कि यदि ईरानी विमान लैंड करते हैं, तो उन्हें ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जा सकेगा, न ही लैंडिंग सेवाएं प्रदान की जाएंगी, और न ही उनके टिकटों की बिक्री की जा सकेगी। सकते अन्यथा आपको अंतरराष्ट्रीय डॉलर प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा।

ईरान ने अभी तक नवीनतम आर्थिक चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कई देशों ने अमेरिका के रुख को ध्यान में रखते हुए कदम उठाना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, दो इराकी सूत्रों ने बताया कि बगदाद ईरानी एयरलाइनों की उड़ानों को निलंबित करने जा रहा है।

साथ ही, जॉर्जिया ने भी ईरानी विमानों के अपने देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस बीच, ईरान की महान एयर ने बताया कि उसने तुर्की सरकार के अनुरोध पर तुर्की के लिए अपनी सेवाएं रोक दी हैं।

यह उल्लेखनीय है कि ईरान का विमानन क्षेत्र पहले से ही दशकों पुराने प्रतिबंधों के कारण विमानों की खरीद, स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव सेवाओं की भारी कमी का सामना कर रहा है।

उच्च स्तरीय आर्थिक वार्ता

वित्त मंत्री बेसेन्ट की यह टिप्पणी चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ होने वाली उच्च स्तरीय आर्थिक वार्ता के एक दिन बाद आई है। यह बैठक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन की तैयारियों के संबंध में आयोजित की गई थी। इस समय चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कूटनीतिक सहायक माना जाता है।

अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष सैन्य टकराव फरवरी के अंत में शुरू हुआ, जब अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए थे।

इसके परिणामस्वरूप, तेहरान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरुमध्य को बाधित करने का निर्णय लिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई।

उसके बाद, अमेरिका ने ईरान के समस्त विमानन क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए और उसे विभिन्न प्रकार के समर्थन देने वाली गतिविधियों पर नज़र रखना शुरू कर दिया। वाली फर्मों पर आर्थिक शिकंजा लगातार कड़ा किया है।

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