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KK Pathak IAS Patna Visit: पटना आते ही हड़कंप! केंद्र का बड़ा फैसला, बिहार में मिली कानून व्यवस्था सुधारने की कमान

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KK Pathak IAS Patna Visit: कड़क IAS के नाम से प्रसिद्ध केके पाठक एक बार फिर बिहार में मौजूद हैं। इस बार उन्हें कानून से संबंधित नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में, केके पाठक भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं, और अब वे बिहार में अपने नए कर्तव्यों के साथ आए हैं।

केके पाठक ने बिहार में नियमों और कानूनों को सरल बनाने की प्रक्रिया के तहत ‘डीरेगुलेशन चरण-दो’ के अंतर्गत लंबित सभी मामलों को अगले 15 दिनों के अंदर निपटाकर उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि इसमें कोई भी देरी सहन नहीं की जाएगी।

राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ एक बैठक

केके पाठक ने शुक्रवार को पटना में राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की, जिसका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना, व्यापार संचालन में सुधार करना और पुराने कानूनों को समाप्त करना था। इस बैठक का नाम ‘डीरेगुलेशन चरण-एक’ और ‘चरण-दो’ की समीक्षा बैठक रखा गया। बैठक की अध्यक्षता बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की।

केके पाठक ने कहा कि व्यावसायिक कानूनों के भीतर मौजूद कठोर प्रावधानों, जैसे कि छोटी तकनीकी चूकों के लिए कारावास, को समाप्त कर उन्हें आर्थिक दंड में बदलने की प्रक्रिया को और तेज किया जाए। विशेष सचिव ने निर्देशित किया कि यदि किसी सुधार का संबंध एक से अधिक विभागों से है, तो कैबिनेट सचिवालय समन्वय का कार्य करेगा, ताकि फाइलें लंबित न रहें। इसके साथ ही, उन्होंने सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वे प्रत्येक शुक्रवार को प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को भेजें।

सरकारी संपत्तियों के कुशल प्रबंधन के लिए ‘टोटल फैसिलिटी मैनेजमेंट’

केके पाठक ने सभी राज्य विभागों से अनुरोध किया है कि वे अपने क्षेत्रों में अनावश्यक अनुपालन बोझ को कम करें और चरण-दो में चिन्हित सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। बैठक के दौरान, बुनियादी ढांचे के विकास में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) 2026 के नए मानकों को राज्य के भवन उपविधियों में शामिल करने पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, राज्य में शहरी नियोजन को आधुनिक बनाने के लिए ‘फ्लोर एरिया रेशियो’ (एफएआर) के नियमों को तर्कसंगत बनाने और सरकारी संपत्तियों के कुशल प्रबंधन के लिए ‘टोटल फैसिलिटी मैनेजमेंट’ (टीएफएम) प्रक्रिया पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

विशेष सचिव केके पाठक ने जानकारी दी कि अनावश्यक नियम निवेश के लिए रुकावट पैदा कर सकते हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए कि वे उन सभी नियमों, रिटर्न और रजिस्ट्रियों की सूची बनाएं जिन्हें हटाया जा सकता है। बिहार द्वारा की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी स्वीकृतियों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘स्व-प्रमाणीकरण’ तंत्र को अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दिया, जिससे मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

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