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Bihar Unemployment Rate 2026: हाथ में PhD की डिग्री और जेब खाली! रजिस्टर्ड बेरोजगारों की लिस्ट में बिहार दूसरे पायदान पर, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

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Bihar Unemployment Rate 2026: बिहार में रोजगार सदैव एक महत्वपूर्ण समस्या रही है। सरकार कथित तौर पर राज्य में रोजगार सृजन के लिए कई दावे पेश करती है, लेकिन नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़े एक अलग ही कहानी बयां करते हैं। इस पोर्टल पर देशभर के बेरोजगार व्यक्ति रोजगार की उम्मीद में पंजीकरण करवाते हैं। यह जानकर आश्चर्य होता है कि रजिस्टर्ड बेरोजगारों की सूची में बिहार का स्थान दूसरे नंबर पर है। वास्तव में, भारत में पंजीकृत बेरोजगारों में बिहार दूसरे स्थान पर है। नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल पर अब तक पूरे देश में 6 करोड़ 26 लाख से अधिक बेरोजगारों ने अपना पंजीकरण कराया है, जिसमें बिहार के 54 लाख 14 हजार लोग शामिल हैं।

523 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने भी अपना पंजीकरण कराया है

एनसीएस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही बेरोजगार व्यक्तियों को रोजगार मेले या जॉब फेयर में भाग लेने का अवसर मिलता है। ये मेला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा आयोजित किया जाता है, जो केवल पंजीकृत बेरोजगारों को ही नौकरी प्रदान करते हैं। बिहार में अब तक पंजीकरण कराए गए बेरोजगारों में 27.29 लाख पुरुष और 26.60 लाख महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, 523 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने भी अपना पंजीकरण कराया है।

पंजीकृत बेरोजगारों में सबसे अधिक संख्या 25 से 34 वर्ष के युवा वर्ग की है, जिनकी संख्या 23.44 लाख है। वहीं, 18 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के बेरोजगारों की संख्या 18.13 लाख है। 35 से 44 वर्ष के बीच रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या सात लाख 90 हजार है, जबकि 45 से 54 वर्ष के बीच यह संख्या दो लाख 97 हजार है। 55 से 64 वर्ष के आयु वर्ग में 92 हजार बेरोजगार हैं और 16 से 18 वर्ष के बीच के बेरोजगारों की संख्या भी महत्वपूर्ण है।

रोज़गार की तलाश करने वालों में शिक्षित और निरक्षर दोनों शामिल

रोज़गार की तलाश करने वालों में शिक्षित और निरक्षर दोनों ही लोग शामिल हैं। सबसे अधिक पंजीकरण उन लोगों का है, जिन्होंने नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की है। जिन लोगों ने नौवीं तक पढ़ाई की है, उनमें से 15 लाख 24 हजार ने पंजीकरण कराया है, जबकि 10वीं कक्षा तक पढ़ने वाले 12 लाख 97 हजार हैं। 11वीं कक्षा के छात्रों की संख्या 6,455 है, और 12वीं कक्षा पास करने वालों ने 12 लाख 74 हजार के आसपास पंजीकरण किया है।

स्नातक स्तर पर 5 लाख 15 हजार और पीजी डिग्रीधारी 64 हजार व्यक्तियों ने भी पंजीकरण कराया है। इसके अतिरिक्त, दसवीं के बाद डिप्लोमा करने वाले 25 हजार लोग भी शामिल हैं। आश्चर्यजनक तौर पर, 5 लाख 62 हजार निरक्षर व्यक्तियों ने भी रोज़गार के लिए पंजीकरण किया है। इसी प्रकार, पीएचडी या विशेषज्ञ डिग्रीधारी 650 बेरोजगारों ने पंजीकरण करवाया है। पंजीकरण कराने वालों में से 55 हजार लोग खुद का व्यवसाय भी कर रहे हैं।

बेरोजगारों ने पहले से कहीं अधिक संख्या में पंजीकरण किए

पिछले वर्ष बिहार में चुनाव हुआ था। इस चुनावी वर्ष में बेरोजगारों ने पहले से कहीं अधिक संख्या में पंजीकरण किए। अप्रैल में 64 हजार, मई में 62 हजार, जून में 55 हजार, जुलाई में 72 हजार और अगस्त में 86 हजार लोगों ने पंजीकरण कराया। चुनावी हलचल तेज होते ही सितंबर में रिकॉर्ड पांच लाख लोगों ने पंजीकरण किया, जबकि अक्टूबर में यह संख्या तीन लाख 71 हजार रही। नवंबर में एक लाख 41 हजार लोग पंजीकृत हुए। इसके बाद दिसंबर में एक लाख छह हजार, जनवरी में 76 हजार, फरवरी में 72 हजार और मार्च में 70 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया।

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