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Abhijeet Deepke Open Challenge: पूछा- कितनों को गिरफ्तार करोगे, 10 अक्टूबर को पूरा देश आएगा
Abhijeet Deepke Open Challenge : अभिजीत दीपके ने सौरव दास द्वारा उठाए गए आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सीजेपी के नेता सौरव दास ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में दावा किया है कि सरकार उन्हें, अभिजीत, आशुतोष, रत्ना और अन्य पार्टी सदस्यों को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की इस तरह की कार्रवाई युवा पीढ़ी को पीछे हटाने वाली नहीं है, क्योंकि नई पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर पूरी तरह सचेत है।
सौरव दास ने नागरिकों से अपील की कि चाहे नेता जेल जाएं या बाहर, आंदोलन को जारी रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वे जेल जाने या कठिनाइयों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके साथ ही, उन्होंने 10 अक्टूबर से देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाने का आग्रह किया।
सौरव के इस पोस्ट का उल्लेख करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, “आप कितनों को गिरफ्तार करोगे? 10 अक्टूबर को पूरा देश उठ खड़ा होगा।” इस पोस्ट की एक खास बात ये है कि उन्होंने इसे अमित शाह को टैग करते हुए सवालिया निशान के साथ साझा किया है।
पुणे, महाराष्ट्र में अभिजीत दीपके ने 4 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार पेपर लीक होने के कारण छात्रों का भविष्य संकट में है, लेकिन सरकार इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है। CJP छात्रों की मांगों का समर्थन करती है। दीपके ने एकदम स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के चेयरमैन पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक छात्रों का विरोध जारी रहेगा।
अभिजीत दीपके का ज्ञानेश कुमार पर बयान
अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और निष्पक्ष चुनावों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक ऐसे चुनावों में शामिल होना बेकार है। उनका मानना है कि चुनावों के परिणाम पहले से ही तय हैं। दीपके ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उन राज्यों में भी जीत हासिल कर रही है, जहाँ उसे पहले ‘मोदी लहर’ के समय कोई सफलता नहीं मिली थी। उन्होंने इसका श्रेय ज्ञानेश कुमार को देते हुए कहा कि जब तक वे अपने पद से हटते हैं और SIR प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती, तब तक यह स्पष्ट नहीं होगा कि बीजेपी सच में कितनी सीटें जीतने में सफल होती है।
