Vimarsh News
Khabro Me Aage, Khabro k Pichhe

BARC Karmi Roshan Solver Gang Mastermind: BARC कर्मचारी रोशन का बड़ा खेल! NEET, अमीन और झारखंड CGL परीक्षा में कराई सेटिंग

barc karmi roshan solver gang mastermind neet jharkhand cgl exam setting
0 2

BARC Karmi Roshan Solver Gang Mastermind: मुंबई के भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर से पकड़े गए तकनीकी कर्मी रोशन कुमार ने केवल बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा में ही धांधली नहीं की, बल्कि बिहार और झारखंड की आधा दर्जन परीक्षाओं में भी पैसे लेकर अभ्यर्थियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की।

इन परीक्षाओं में नीट-यूजी 2023, केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा 28 जून को आयोजित रेडियो आपरेटर परीक्षा, 14 और 18 जुलाई को आयोजित मद्य निषेध परीक्षा, बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा संपन्न अमीन बहाली परीक्षा और झारखंड की सीजीएल परीक्षा शामिल हैं, जहां धांधली के ठोस साक्ष्य मिले हैं।

वह पिछले चार से पांच वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग के जरिए सफल होने का काम कर रहा था, और उसके संपर्क कई राज्यों तक फैले हुए हैं।

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने इस मामले में रोशन के साथी आकाश कुमार को भी गिरफ्तार किया है। रोशन (22 वर्ष) का संबंध नालंदा के नूरसराय से है, जबकि आकाश… (25 वर्ष) नालंदा के सोहसराय का निवासी है।

चार से अधिक परीक्षार्थियों के लिए सेटिंग की थी

दोनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। रोशन को दिसंबर 2024 में भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर में नियुक्त किया गया था, और वर्तमान में वह प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था।

ईओयू के अनुसार, रोशन और आकाश ने 2023 की नीट यूजी परीक्षा में एक परीक्षार्थी को स्कॉलर के रूप में बैठाकर उसे फर्जी तरीके से पास कराने की योजना बनाई थी, जिसके तहत उस परीक्षार्थी की पहचान की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, अमीन बहाली की परीक्षा के दौरान, दोनों अभियुक्तों ने दो परीक्षार्थियों को सेटिंग कर परीक्षा पास कराने में मदद की थी, जिसके लिए 3.5-3.5 लाख रुपये का बकाया था।

इस बकाए को वसूलने के लिए, रोशन और आकाश ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर परीक्षार्थियों के अपहरण का एक षड्यंत्र रचा। इसके अलावा, जांच टीम को विभिन्न ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में सेटिंग के प्रमाण भी मिले हैं।

जांच के दौरान यह पाया गया कि रोशन कुमार स्वयं भी एईडीओ परीक्षा में शामिल हुआ था। उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था, जहाँ उसने बायोमीट्रिक स्टाफ के सहयोग से अनियमितता की थी।

इसके अलावा, वह नालंदा के साथ-साथ अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ भागलपुर जिले भी गया था, जहाँ उन्होंने ब्लूटूथ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए परीक्षा केंद्र के भीतर अन्य अभ्यर्थियों को उत्तर लिखवाने की कोशिश की।

गिरफ्तार आरोपी आकाश ने भी एईडीओ परीक्षा में चार से अधिक परीक्षार्थियों के लिए सेटिंग की थी। दोनों से पूछताछ के दौरान बायोमीट्रिक कंपनियों के कर्मचारियों, अनियमितता वाले परीक्षा केंद्रों, परीक्षार्थियों और साल्वर गिरोह से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिनकी पुष्टि की जा रही है। इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इन परीक्षाओं में धांधली के सबूत निम्नलिखित हैं:

ईओयू के अनुसार, रोशन ने अन्य संदिग्धों के साथ मिलकर एईडीओ परीक्षा की उम्मीदवार श्वेता कुमारी को पास कराने के लिए 25 लाख रुपये की डील की थी।

इसके लिए फर्जी बायोमेट्रिक आईडी बनाई गई, और गिरोह के सदस्य चंदन व राहुल ने नालंदा के परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया। इन दोनों ने होलोग्राम पर्ची के बीच में छिपाई गई उत्तर कुंजी को कमरे संख्या 25 में बैठी श्वेता कुमारी को पहुंचाया।

– नीट-यूजी 2023 में स्कालर के जरिए परीक्षा पास कराई गई।

– एईडीओ परीक्षा में सेटिंग और फर्जी बायोमेट्रिक के जरिए धोखाधड़ी हुई।

– केंद्रीय चयन पर्षद की रेडियो आपरेटर परीक्षा में धांधली की गई।

– मद्य निषेध सिपाही परीक्षा में भी पैसे लेकर उम्मीदवारों की सेटिंग की गई।

– अमीन भर्ती परीक्षा में उम्मीदवारों को सेटिंग से पास कराने का आरोप लगाया गया।

– झारखंड की सीजीएल परीक्षा में भी धांधली के सबूत प्राप्त हुए हैं।

Leave a comment