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JEEViKA Second Installment Update: समस्तीपुर की 3800 महिलाओं को मिलेगा ₹20,000 का लाभ, जानें कब आएंगे पैसे
JEEViKA Second Installment Update: महिला रोजगार योजना, बिहार: बिहार में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत, समस्तीपुर जिले की जीविका दीदियों को अब योजना की दूसरी किश्त मिलने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। पहले चरण की सफलता और जमीन पर आए सकारात्मक बदलावों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने जिले की लगभग 3,800 महिलाओं का चयन दूसरी किश्त हेतु किया है।
इस बार इन लाभार्थियों के बैंक खातों में 20,000 रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। यह राशि पहली किश्त की तरह पूरी तरह अनुदान के रूप में होगी, जिसे महिलाओं को सरकार को लौटाना नहीं पड़ेगा।
दूसरी किस्त के लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी
जीविका के सूचक प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि दूसरी किस्त के लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से और भौतिक सत्यापन के आधार पर किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया के लिए विभाग ने 9 महत्वपूर्ण मानक निर्धारित किए हैं। इन मानकों के अनुसार, प्रत्येक लाभार्थी की गतिविधियों का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है।
जांच के मुख्य बिंदुओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
- पहली किस्त की राशि का सही और नियमों के अनुसार उपयोग।
- वर्तमान में चल रहे व्यवसाय या रोजगार की वास्तविक स्थिति।
- स्वयं सहायता समूह (SHG) की बैठकों में महिलाओं की नियमित भागीदारी।
- बैंकिंग लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों में सक्रियता।
- आजीविका संबंधी कार्यों में निरंतरता और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन।
विभागीय टीमें लाभार्थियों के घर और कामकाजी स्थलों पर औचक जांच कर रही हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहली किस्त के 10 हजार रुपये का सही तरीके से उपयोग रोजगार की शुरुआत के लिए किया गया हो।
धनराशि का उपयोग व्यवसाय को बढ़ाने या नए स्वरोजगार की शुरुआत के लिए
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत समस्तीपुर जिले की 6 लाख 43 हजार 551 महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए गए। ग्रामीण महिलाएं इस धनराशि का उपयोग अपने पुराने छोटे व्यवसाय को बढ़ाने या नए स्वरोजगार की शुरुआत के लिए कर रही हैं।
सरकारी जांच और भौतिक सत्यापन से यह स्पष्ट हुआ है कि अधिकांश महिलाओं ने इस राशि का इस्तेमाल बकरी पालन, मुर्गी पालन, श्रृंगार प्रसाधन (ब्यूटी पार्लर/कॉस्मेटिक) की दुकान, किराना दुकान, सब्जी उत्पादन एवं बिक्री, तथा सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों में अपनी आजीविका के स्रोत के रूप में किया है।
महिलाओं की व्यक्तिगत आय में वृद्धि हुई है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी काफी सुदृढ़ हुई है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थायी उद्यमिता की ओर बढ़ावा देना
सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल महिलाओं को एक बार की आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें एक स्थायी उद्यमिता की ओर बढ़ावा देना भी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई महिला 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त का फायदा उठाने के बाद, तीसरी सहायता राशि प्राप्त करना चाहती है, तो उसे अपने व्यवसाय को व्यापक स्तर पर विकसित करना होगा।
इसके लिए लाभार्थी को अपने व्यवसाय का कम से कम 25 हजार रुपये का टर्नओवर या ठोस प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। दूसरी ओर, विभाग उन 16 हजार महिलाओं के खातों में जल्द ही पहली किस्त भेजने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है, जो कुछ तकनीकी या अन्य कारणों से अब तक इस योजना के लाभ से वंचित रह गई थीं।
