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NEET UG Topper Suharsh: कौन हैं झारखंड के टॉपर सुहर्ष? इतनी मिली रैंक, यहाँ देखें पूरी डिटेल्स
NEET UG Topper Suharsh: एनटीए द्वारा जारी की गई टॉपर्स लिस्ट के अनुसार, नीट यूजी 2026 में झारखंड के किसी भी छात्र को देश की टॉप 100 रैंक में स्थान नहीं मिला है। हालांकि, राज्य के अन्य छात्रों ने अच्छे अंक प्राप्त किए हैं, जो मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की संभावनाओं को बनाए रखते हैं।
रांची के ज्ञानेंद्र गर्व ने इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर ऑल इंडिया रैंक 676 प्राप्त की। उन्होंने 665 अंक हासिल किए और उनका परसेंटाइल स्कोर 99.96 रहा। ज्ञानेंद्र के पिता, कुमार मयंक भूषण, गढ़वा में एसडीओ के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां, कुमारी अंजली, एक सरकारी शिक्षिका हैं। उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई जेवीएम श्यामली से की और 10वीं की पढ़ाई डीएवी कपिलदेव स्कूल से पूरी की।
किसे कितना मिला अंक
रांची के अक्षत प्रेम ने NEET UG परीक्षा में 2034 और 642 अंक प्राप्त किए। वहीं, शाकिब अहमद को 640 अंक के साथ AIR 2282 मिला। इसी तरह, मयंक कुमार ने AIR 3211 हासिल किया और सर्वजीत को AIR 4271 प्राप्त हुआ। इस बार रांची से लगभग 10 हजार छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से कई ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्तर पर, पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने मिलकर NEET UG 2026 में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। दोनों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए हैं।इस परीक्षा में देशभर से कुल 11.21 लाख उम्मीदवार सफल हुए हैं।
इस बार 19 छात्रों ने 700 या उससे अधिक अंक हासिल किए, जबकि 1,492 अभ्यर्थियों ने 650 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। एनटीए ने समय पर परिणाम प्रकाशित किया है ताकि मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया निर्धारित समय पर पूरी की जा सके।
दाखिले की प्रक्रिया परिणामों के आधार पर होगी
देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया NEET UG 2026 के परिणामों के आधार पर होगी। इस वर्ष MBBS के लिए कुल 1.08 लाख सीटें उपलब्ध हैं। इनमें लगभग 56 हजार सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जबकि लगभग 52 हजार सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में हैं।
री-एग्जाम से पहले, एनटीए ने अंततः अंतिम उत्तर कुंजी जारी की। इसमें एक प्रश्न को सूची से हटा दिया गया, जबकि एक और प्रश्न के लिए दो सही उत्तर मान्य किए गए। उल्लेखनीय है कि पेपर लीक के आरोपों के कारण पहले की रखी गई परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद, 21 जून को पुनः परीक्षा का आयोजन किया गया। इस मामले की जांच वर्तमान में सीबीआई द्वारा की जा रही है।
