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Nitin Nabin Attack Opposition, संजय सरावगी ने राहुल गांधी को घेरा
Nitin Nabin Attack Opposition: बिहार में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष पर कड़े हमले किए। उन्होंने चुनाव परिणामों और वोटों की चोरी के आरोपों पर विपक्ष के दृष्टिकोण पर प्रश्न उठाया। नितिन नवीन ने कहा कि जब विपक्ष के नेताओं को जीत मिलती है, तो वे इसे लोकतंत्र की विजय मानते हैं, लेकिन हारने पर वे लोकतंत्र के खतरे में होने का दावा करते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि विपक्ष ने जल्द ही अपनी राजनीति में बदलाव नहीं किया, तो भविष्य में उनकी स्थिति भी खतरे में पड़ सकती है।
भागलपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, नितिन नवीन ने कहा कि बिहार में चुनाव में हारने के बाद विपक्ष ने वोट चोरी के आरोप लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने कर्नाटक के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि वहां विपक्ष की जीत के बाद सब कुछ ठीक बताया गया, जबकि बिहार में हार के बाद चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगे। उनका यह भी कहना था कि लोकतंत्र की रक्षा करना भाजपा का प्राथमिक कर्तव्य है।. इसी वजह से पार्टी सड़क पर उतरकर जनता के बीच जा रही है।
22 राज्यों में भाजपा का शासन
नितिन नवीन ने यह बताने की कोशिश की कि कई लोग प्रश्न उठा रहे हैं कि जब भारत के 22 राज्यों में भाजपा का शासन है, तो पार्टी को सड़क पर उतरने की आवश्यकता क्यों है। उनका कहना था, “हमारा प्रमुख कर्तव्य लोकतंत्र की रक्षा करना है।” उनके अनुसार, यह आवश्यक है कि हम जनता के बीच जाएं और उन राजनीति के खिलाफ आवाज उठाएं जो लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं पर सवाल उठाती हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्हें मतदान में सफलता मिलती है, तो वे उसे लोकतंत्र की विजय मानते हैं, लेकिन हारने पर चुनावी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर देते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “जब आप जीतते हैं, तब यह लोकतंत्र की जीत है, लेकिन यदि आप हार जाते हैं, तो लोकतंत्र संकट में है।”
भागलपुर के लाजपत पार्क में आयोजित जनसभा में बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी विपक्ष को आलोचना का निशाना बनाया। उन्होंने विपक्षी दलों के संघ को ‘घमंडिया’ गठबंधन कहा और इस पर टिप्पणी करते हुए बताया कि इसकी शुरुआत बिहार की धरती से हुई थी।
सरावगी ने विपक्ष से यह सवाल उठाया कि क्या कोई ऐसा व्यक्ति है जो यह बता सके कि वह मतदाता है और इस बार उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी आलोचना की और उनके बयानों को लेकर चिंता व्यक्त की।
पैदल मार्च का आयोजन किया गया
एनडीए की इस पदयात्रा के तहत भागलपुर में जनसभा के बाद एक पैदल मार्च का आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने त्रिशूल देकर नितिन नवीन का स्वागत किया। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष लाजपत पार्क से लेकर खरमनचक, भामाशाह चौक और घंटाघर चौक तक लगभग एक किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे।
इसी के साथ बेगूसराय और मुजफ्फरपुर में भी एनडीए की रैलियाँ आयोजित की गईं। बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर देश में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
इस पदयात्रा का केंद्रीय विषय एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया के संदर्भ में चल रही राजनीतिक चर्चाएँ हैं। भाजपा इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के संरक्षण और विपक्ष के उठाए गए सवालों का उत्तर देने के रूप में प्रस्तुत कर रही है। दूसरी ओर, विपक्ष मतदाता सूची के संशोधन और चुनावी प्रक्रिया पर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहा है।
इस परिप्रेक्ष्य में, एनडीए द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा भाजपा और उसके सहयोगियों को विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपना राजनीतिक दृष्टिकोण जनता के समक्ष रखने का अवसर प्रदान कर रही है।
