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Sugar Price Hike: ₹48 से सीधे ₹72 किलो, जानिए महंगाई की वजह
Sugar Price Hike: त्योहारी मौसम के आगमन से पहले चीनी की कीमतों में अचानक आई तेज वृद्धि ने सामान्य उपभोक्ताओं के रसोई के बजट को बुरी तरह से बाधित कर दिया है। सिर्फ एक सप्ताह के भीतर, चीनी के दाम 48 रुपये से बढ़कर 68 से 72 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। इस अनपेक्षित मूल्य वृद्धि का प्रत्यक्ष प्रभाव गृहणियों के साथ-साथ चाय पसंद करने वालों और मिठाई प्रेमियों के लिए दिखने लगा है।
स्थानीय बाजारों में, जैसे कि पोठिया, भंगहा, महेशपुर, मोरसंडा, बरेटा और फलका प्रखंड के अन्य हाट-बाजारों में, सप्ताह भर पहले तक 48 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी अब 68 से 72 रुपये के दामों पर मिल रही है।
किराना व्यापारियों, जैसे किशोर गुप्ता, विष्णु रुंगटा, सुरेश गुप्ता, पवन गुप्ता, विमल गुप्ता और सुबोध गुप्ता ने बताया कि अचानक और इतनी अधिक कीमतों में बढ़ोतरी के बारे में पहले से कोई पूर्वानुमान नहीं था। थोक बाजार से सप्लाई में खामिया आ रही हैं, जिसके कारण आगे और मूल्य वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।
चीनी की कीमतों में डेढ़ गुना बढ़ोतरी
चीनी की कीमतों में डेढ़ गुना बढ़ोतरी का तात्कालिक प्रभाव चाय और मिठाई की दुकानों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में सामान्य चाय जो पहले 5 रुपये में मिलती थी, अब 10 रुपये प्रति कप हो गई है। वहीं, विशेष चाय की कीमतें 15 रुपये प्रति कप तक पहुंच गई हैं।
मिठाई विक्रेता मंटू साह, टुनटुन साह, सियाराम मंडल और संतोष साह का कहना है कि दूध, मैदा और अन्य कच्चे सामान की बढ़ती कीमतों के चलते चीनी की मूल्यवृद्धि ने उन्हें मिठाइयों की कीमतें बढ़ाने को मजबूर कर दिया है।
महंगाई की इस चढ़ाई का असर ग्राहक की क्रय शक्ति पर भी दर्शित होने लगा है। कई ग्राहक अब एक किलो चीनी खरीदने के बजाय आधा किलो, जबकि दिहाड़ी मजदूर और गरीब वर्ग के लोग केवल 250 ग्राम (पाव) या 100 ग्राम चीनी ही खरीद रहे हैं। अचानक आई इस मूल्य वृद्धि ने आम जनता के बीच चिंता और चर्चा को जन्म दिया है।
