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लोकतंत्र

शांतिपूर्ण आंदोलन के सीने पर सरकारी डंडा: नेहा बोरा, पीस बॉन्ड और चुनाव आयोग पर डॉ. योगेन्द्र के…

अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के हाथ बाँधे जा चुके हैं, अब नेहा बोरा की बारी है। सरकार ने मन बना लिया है कि युवाओं के आंदोलन को…

चलनी दूसे सूपा को: डॉ. योगेन्द्र ने प्रधानमंत्री, बेरोजगारी और लोकतंत्र पर उठाए सवाल

चलनी दूसे सूपा को सुबह जगा तो अचानक एक गाने के बोल बजने लगे- ‘ तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे , कि जैसे युगों से तुम्हें जानती हूँ ।’…

लोकतंत्र है या इजाजततंत्र? जंतर-मंतर पर जनता की आवाज से इतना डर क्यों?

लोकतंत्र है या इजाजततंत्र दिल्ली की सड़कों पर आज एक अनोखा दृश्य नजर आ रहा है। ऐसे देश में, जहां चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में…

एक चिंगारी नहीं, मुकम्मल बयान है: दिल्ली में युवाओं के संघर्ष पर डॉ. योगेन्द्र का लेख

दिल्ली में जो कुछ हो रहा है, वह अभूतपूर्व है। संघर्ष करते युवा और युवतियां । निडर, बेख़ौफ़ । डिटेन किया जाता है, वे बस की खिड़कियों से कूद…

गढ़ महोबे की लड़ाई अंजाम तक पहुंचेगी? डॉ. योगेन्द्र यादव ने बीजेपी, चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर उठाए…

जंतर- मंतर पर कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहता है तो सरकार को दिक़्क़त क्या है? अगर लाठी, तलवार और कट्टा लेकर कोई बैठ जाए तो अलग बात है।…

सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है? युवाओं के गुस्से और देश की मौजूदा उथल-पुथल का सच- डॉ…

लोकप्रिय शायर शहरयार की ग़ज़ल की दो पंक्तियां हैं-सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ हैइस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यूँ है। सीने…

शब्दों का विस्फोट और चुप्पियों की तलाश | आधुनिक जीवन, प्रकृति और मनुष्य पर गहन विचार

शब्दों का विस्फोट और चुप्पियों की तलाश: आकाश बादलों से भरा। लगता था कि अब बारिश होगी कि तब बारिश होगी। बारिश के डर से छाता भी रख लिया गया।…

जंतर-मंतर पर गांधी जी के सवाल: लोकतंत्र, सत्ता और आज़ादी पर डॉ योगेंद्र का बड़ा लेख

गांधी जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर से बेआबरू होकर निकले थे। रह रह कर नरेंद्र मोदी जी के द्वारा कहे अपशब्द कानों में गूँज रहे थे। वे…

मैं तो शहीद हूँ, हर युग में लौट कर आऊँगा’ : छात्र आंदोलन, लोकतंत्र और समाज पर डॉ. योगेन्द्र का…

मैं तो शहीद हूँ, हर युग में लौट कर आऊँगा रांची में सुबह सुबह पनियाया आकाश। टहलने निकला तो लगा कि बारिश होगी ही होगी । हल्की झींसीं आई…