Vimarsh News
Khabro Me Aage, Khabro k Pichhe
Browsing Tag

डॉ योगेन्द्र

हिन्दुओं को नष्ट करने के लिए हिन्दू ही काफी है! डॉ. योगेन्द्र ने जाति व्यवस्था पर उठाए बड़े सवाल

हिन्दू समाज में एकता, जाति व्यवस्था और भारतीय राजनीति को लेकर डॉ. योगेन्द्र ने अपने लेख में तीखी टिप्पणी की है। उनका कहना है कि हिन्दू समाज…

इन दिनों उदास बादलों का राग: आदमी को आदमी नहीं रहने दिया, उसे हमने सामान बना दिया — डॉ. योगेन्द्र

इन दिनों उदास बादलों का राग: बादल आज भी है, पूरे वजूद के साथ, लेकिन बरस नहीं रहा है। आकाश से चूने की , उसकी भी टाइमिंग होगी । आकाश में…

रांची की बारिश से बचपन की यादों तक: मुड़ मुड़ कर न देख | डॉ. योगेन्द्र

रांची की बारिश से बचपन की यादों तक: राँची रेलवे स्टेशन पर जब कल उतरा तो बारिश की बूँदों की लहक से मुलाक़ात हुई। भागलपुर में बादल लगभग…

यादें जो पीछा करती हैं: बारिश में भीगा भागलपुर और इतिहास की अनकही दास्तान, डॉ योगेंद्र की कलम से

यादें जो पीछा करती हैं: कल शाम को अच्छी ख़ासी बारिश हुई। मैं और अलका रास्ते में ही थे। मोटरसाइकिल से आ रहे थे। एक दूकान के पास खड़े हो गए।…

अली बाबा और चालीस चोर: डॉ. योगेन्द्र ने मंदिर चढ़ावा, कांवड़ यात्रा और धर्म की राजनीति पर उठाए तीखे…

वरिष्ठ लेखक डॉ. योगेन्द्र ने अपने लेख "अली बाबा और चालीस चोर" में मंदिरों में चढ़ावे की कथित चोरी, धर्म के राजनीतिक उपयोग, कांवड़ यात्रा और…

जेन जी: संभावनाओं से भरी और नया इतिहास लिखने की तैयारी

लेखक: डॉ योगेन्द्र जेन जी ने बंद रास्तों को खोल दिया है। जो लोग सरकार से डर कर चुप बैठे थे, उनकी ज़ुबान भी खुल गयी है। यहाँ तक कि…

आरएसएस: सावधान आगे आग है, डॉ. योगेन्द्र का बड़ा हमला, इतिहास से वर्तमान तक उठाए गंभीर सवाल

लेखक: डॉ. योगेन्द्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इन दिनों कई कारणों से चर्चा में है। संगठन को लेकर चंदा चोरी के आरोपों से लेकर उसके…

शब्दों का विस्फोट और चुप्पियों की तलाश | आधुनिक जीवन, प्रकृति और मनुष्य पर गहन विचार

शब्दों का विस्फोट और चुप्पियों की तलाश: आकाश बादलों से भरा। लगता था कि अब बारिश होगी कि तब बारिश होगी। बारिश के डर से छाता भी रख लिया गया।…

मैं तो शहीद हूँ, हर युग में लौट कर आऊँगा’ : छात्र आंदोलन, लोकतंत्र और समाज पर डॉ. योगेन्द्र का…

मैं तो शहीद हूँ, हर युग में लौट कर आऊँगा रांची में सुबह सुबह पनियाया आकाश। टहलने निकला तो लगा कि बारिश होगी ही होगी । हल्की झींसीं आई…