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Dr Yogendra Article

रांची की बारिश से बचपन की यादों तक: मुड़ मुड़ कर न देख | डॉ. योगेन्द्र

रांची की बारिश से बचपन की यादों तक: राँची रेलवे स्टेशन पर जब कल उतरा तो बारिश की बूँदों की लहक से मुलाक़ात हुई। भागलपुर में बादल लगभग…

‘संसद की ऐसी तैसी’: डॉ. योगेन्द्र का बेबाक लेख, नई संसद और गिरते राजनीतिक विमर्श पर तीखा…

संसद की ऐसी तैसी - डॉ योगेन्द्र अद्भुत उत्साह- उमंग , हँसी-ख़ुशी और आमोद- प्रमोद था, उस दिन जब नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बन कर संसद की…

Ram Mandir Controversy: ‘जिन्होंने राम को नहीं छोड़ा, वे…’, डॉ. योगेन्द्र ने बीजेपी और…

Ram Mandir Controversy: यह सदी इस बात का गवाह बनेगी कि अपने ही लोगों के द्वारा कैसे मंदिर लूट लिया गया । अभी तक मंदिरों को लूटने वालों में…

इन दिनों गुस्सा, आत्महत्या और प्रदर्शन: डॉ योगेन्द्र का शिक्षा व्यवस्था और सिस्टम पर बड़ा प्रहार

आज़ादी के दो स्वर और युवाओं की उम्मीदें आज़ादी की लड़ाई के दो स्वर थे। एक स्वर भगत सिंह का था- "सर फरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,…

मेघ, प्रेमी और किसान: आषाढ़ के बादलों और विरह का अद्भुत अहसास | डॉ योगेन्द्र

मेघ, प्रेमी और किसान: रात को भी बारिश हुई थी और सुबह भी। टहलने निकला तो बारिश हो ही रही थी। भींगी सड़कें, पहाड़ियों पर बारिश की सफेद चादर…

Dr Yogendra Article: सौंदर्य और ख्वाहिशें, जुलाई की धूप; कटहल का स्वाद और साधुओं के बिजनेस पर डॉ.…

Dr Yogendra Article: जुलाई का महीना और वृक्षों का समाजवाद जुलाई का महीना है। बारिश होनी चाहिए थी, मगर गगन की कथा यह है कि सूरज चमक रहा है…

Dr Yogendra Article: बंगाल से लेकर गुजरात की हिंसा और पीएम मोदी के ‘नॉन-बायोलॉजिकल’ बयान…

महुआ मोइत्रा पर हमला और बंगाल का चुनावी माहौल बंगाल में क्या हो रहा है? वोट लूट कर जीत गए तो बादशाह हो गए? डॉ अम्बेडकर का संविधान मर…

वचनवीरों के लहूलुहान वचन | डॉ. योगेन्द्र का तीखा प्रहार

वचनवीरों के लहूलुहान वचन: देश के मौजूदा हालात, राजनीति के तौर-तरीकों, गाय के नाम पर होने वाले खेल और नदियों की दुर्दशा को लेकर जाने-माने…

“खुदा मेहरबान तो गदहा पहलवान” — देश के हालात, बाबाओं के साम्राज्य और गंगा की व्यथा पर…

- डॉ. योगेन्द्र कैबिनेट भी अजीब चीज़ है। जिसमें एक निर्देश देता है और सब पालन करता है। यहां कोई बहस-मुबाहिसे नहीं। असहमति का तो सवाल…